आम आदमी यदि खुले में कूड़ा डाले तो उसे अपराध कहा जाए और नगर निगम यदि खुले में कूड़ा डंप करे तो उसे क्या कहा जाए ?

आम आदमी यदि खुले में कूड़ा डाले तो उसे अपराध कहा जाए और  नगर निगम यदि खुले में कूड़ा डंप करे तो उसे क्या कहा जाए ?

कूड़ा निस्तारण के लिए डम्पिंग ग्राउंड बनाना समाधान नहीं है | डंपिंग ग्राउंड आहिस्ता – आहिस्ता डम्पिंग हिल बन जाते है जिनमे तापक्रम और दवाब की वजह से मिथेन गैस पैदा हो जाती है जो ज्वलनशील हैं I दिल्ली और मुंबई  जैसे शहर डंपिंग ग्राउंड बनाकर पहले ही भयंकर मुसीबतों का सामना कर रहे हैं और पछता रहे हैं |  प्रत्येक डंपिंग ग्राउंड जब डंपिंग हिल बन जाता है तो वो दुर्गन्ध, बिमारी ,संक्रमण , आगजनी और अतिक्रमण को जन्म देता है I

विकल्प है – सैनेट्री लैण्ड फिल्स |  सैनेट्री लैंड फिल्स में खराब पड़ी जमीन पर ट्रेन्च खोदकर कूड़ा डाला जाता है और कूड़े को वातावरण के संपर्क से बचाने के लिए उसको पहले दबाया जाता है और फिर ढकने के लिए उस पर मिटटी / पोलीथींन डाल दी जाती है | यह कार्य रोजाना किया जाता है और जब एक ट्रेन्च भर जाती है तो उसके बराबर वाली ट्रेन्च में कूड़ा डाला जाता है | कूड़े को फैलाने और मिटटी डालने के लिए प्रत्येक सेनेट्री लैण्ड फिल्स पर 3-4 प्रशिक्षित कर्मचारी रखे जाते है और कूड़े को दबाने के लिए एक छोटा 4-6 टन का रोड रोलर रखा जाता है | एक बड़े क्षेत्र में एक सेनेट्री लैंड फिल बनाई जा सकती है जिसमे प्रत्येक ट्रेंच की गहराई करीब 8 फिट होगी और चोड़ाई करीब 18 फिट होगी | जब एक सेनेट्री लैण्ड फिल भर जाती है तो उसपर घास उगाकर उसे हरित पट्टी में तब्दील कर दिया जाता है | न दुर्गन्ध , न भूमि पर अतिक्रमण , न संक्रमण और न ही नगर वासियों का उत्पीडन |