व्यापार एवं कर विभाग द्वारा शुरू किए गये बिल बनाओं इनाम पाओ योजना के दूसरे माह में 54 लोगों..

व्यापार एवं कर विभाग द्वारा शुरू किए गये बिल बनाओं इनाम पाओ योजना के दूसरे माह में 54 लोगों को 4.6 लाख रुपए का इनाम मिला-श्री मनीष सिसोदिया

·         224 डीलर्स के बिल रिकार्ड में छेड़छाड़ पाया गया

·         अपलोडेड बिलों से 50 ऐसे डीलर्स व्यापार करते पाए गये जिनकी डीलर्सशिप रदद कर दी गई थी

·         11 ऐसे डीलर्स जिनकी मान्यता रदद कर दी गई है उनसे कर और जुर्माने के तौर पर 22 लाख रुपए की वसूली की गई

·         राजधानी में 500 से ज्यादा डीलर्स अवैध टिन नम्बर से व्यापर करते पकड़े गये

·         अवैध टिन/बिना मंजूरी के व्यापार करने वाले और बिल रिकार्ड में हेराफेरी करने वाले व्यापरियों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई

·         बिल बनाओ इनाम पाओ योजना से राजधानी में व्यापार सुगम हुआ है और ईमानदार व्यापारियों को इससे से काफी सहुलियत हुई है-वैट आयुक्त श्री सज्जन सिंह यादव

 

दिल्लीः 16 मार्च 2016

उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने आज दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान व्यापार एवं कर विभाग द्वारा शुरू किए गये बिल बनाओं इनाम पाओं योजना के दूसरे ड्रा में चयनित 54 लोगों को 4.6 लाख रुपए के इनाम राशि वितरित किए। योजना के तहत 50 हजार रुपए तक के इनाम दिए जाते हैं। इनाम पाने वाले 54 लोगों में से 4 लोगों को 50 हजार रुपए का इनाम राशि दिया गया।50 हजार रुपए का इनाम पाने वाले 4 लोग हैं डा अमरेन्द्र पाठक (2) श्री पवन गुप्ता, (3) श्री विकास और (4) श्री धीरज सागर। अन्य विजेताओं को उनकी खरीद मूल्य के 5 गुना तक की राशि का इनाम दिया गया। इस अवसर पर संसदीय सचिव वित श्री शिवचरण गोयल,मुख्य सचिव श्री केवल कुमार शर्मा, व्यापार एवं कर आयुक्त श्री सज्जन सिंह यादव के अतिरिक्त बड़ी संख्या में व्यापारी और योजना में भाग लेने वाले लोग उपस्थित थे।

 

उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने इस अवसर पर बताया कि बिल बनाओं इनाम पाओ योजना काफी लोकप्रिय हो रही है। इस योजना की शुरूआत व्यापार एवं कर विभाग द्वारा जनवरी 2016 में की गई थी। विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए एक मोबाइल एप DVAT की भी शुरूआत की है जिससे लोग अपना बिल अपलोड कर आसानी से इस योजना में शामिल हो सकें। कुल अपलोड किए गये बिलों का 01 प्रतिषत को 5 गुना तक का इनाम योजना में लक्की ड्रा द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि जनवरी 2016 में DVAT बिल एप के मार्फत 4 हजार प्रविष्टियां प्राप्त हुई जबकि फरवरी माह में इनकी संख्या बढकर 8339 तक पहुंच गई। बिल बनाओं योजना न केवल राजधानी के लोगों के लिए फायदेमंद है बल्कि इससे टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों, अवैध टिन नम्बर पर व्यापार करने वाले और टैक्स से बचने के लिए सम्बंधित कागजों में छेड़छाड़ करने वाले व्यापारियों को पकड़ने मे भी आसानी हो रही है।

बिल बनाओं इनाम पाओ योजना के तहत अपने बिलों को विभाग के एप पर अपलोड कर दिल्ली के लोग कर वसूली में अपनी मूक भूमिका अदा कर रहे हैं तथा इन बिलों से बड़ी संख्या में अवैध व्यापार करने वाले व्यापरियों की पहचान हो सकी है। जनवरी माह मे अपलोड किए गये बिलों की जांच में 224 ऐसे डीलर्स का पता लगा जिन्होंने टैक्स चोरी करने के इरादे से सम्बंधित कागजातों में छेड़छाड़ की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तुरंत ऐसे 224 डीलर्स के तहत कार्रवाई की और वर्तमान में उनपर मुकदमा चल रहा है। ऐसे डीलर्स को 6 माह की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। फरवरी माह में DAVT एप के माध्यम से प्राप्त बिलों की विभाग द्वारा गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले डीलर्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

अपलोडेड बिलों से 50 ऐसे डीलर्स व्यापार करते पाए गये जिनकी डीलरशिप रदद कर दी गई थी अथवा जो अवैध टिन पर व्यापार कर रहे थे। ऐसे डीलर्स लोगों से वैट की वसूली कर रहे थे पर सरकार को यह टैक्स की रकम जमा नहीं कर रहे थे। राजधानी में 500 से ज्यादा ऐसे डीलर्स की पहचान की गई है जो अवैध टिन के द्वारा व्यापार कर रहे थे। इसके अलावा 11 डीलर्स जिनकी मान्यता रदद कर दी गई है उनके द्वारा जारी किया गया बिल भी पाया गया। उनसे कर और जुर्माने के तौर पर 22 लाख रुपए की वसूली की गई है।

 

बिल बनाओ इनाम पाओ योजना में लागों की बड़ी संख्या में शामिल हो अपना योगदान देने पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि डी-वैट एप पर बिल अपलोड करके दिल्ली के लोगों ने कर वसूली की दिशा में महती योगदान दिया है। इससे दिल्ली के विकास में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस योजना से बड़ी संख्या में उन व्यापारियों को भी लाभ हुआ है जो राजधानी में ईमानदारी से व्यापार करते हैं। उन्हें व्यापार का एक समान अवसर प्राप्त हुआ है। उपमुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक लोगों को इस योजना में शामिल होने की अपील की जिससे कि टैक्स चोरी करने वाले व्यापारियों पर लगाम लगाया जा सके और ईमानदार व्यापारियों को व्यापार का सुगम अवसर प्राप्त हो सके।